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अब हैकर्स से कंप्यूटर डाटा का बचाव होना संभव , क्योंकि पढ़ाई में शामिल हुआ ये खास कोर्स…

हम जानते हैं की साइबर क्राइम और हैकिंग आज बड़ी समस्या बनके सामने आयीं हैं और इससे लड़ने की तैयारी शुरू हो गयी है।  साइबर सोल्जर्स को पढ़ाए जाने वाले खास कोर्स के लिए सरकार ने इजाजत दे दी है. ये कोर्स है ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। इससे अब हमारे लिए साइबर सोल्जर्स  भी पैदा होंगे होंगे।

न्यूज़ 18 हिंदी के लेख के अनुसार , बड़ी-बड़ी कंपनियों, डिफेंस, रिसर्च इंस्टीट्यूट का सीक्रेट डाटा. सरकारी बेवसाइट और आपके पर्सनल कंप्यूटर का डाटा अब और सुरक्षित होने जा रहा है. हैकर्स से लड़ने के लिए अब साइबर सोल्जर्स तैयार होंगे. ये साइबर सोल्जर्स आपके डाटा को सुराक्षित करेंगे. साइबर सोल्जर्स को पढ़ाए जाने वाले खास कोर्स के लिए सरकार ने इजाजत दे दी है. ये कोर्स है ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस.

इस बारे में डॉ. बीआर अंबेडकर विवि के इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व प्रोफेसर दिवाकर तिवारी बताते हैं, “वैसे तो ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स के एक नहीं कई फायदे हैं. नौकरी के लिहाज से इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए इसे गेट वे ऑफ जॉब भी कह सकते हैं. ये कोर्स कंप्यूटर साइंस, बीटेक और एमटेक में पढ़ाया जाएगा. अब तो सरकार ने बजट में भी इसे अनुमति दे दी है.

source: PCQest

अभी तक सिर्फ एक चैप्टर के रूप में इसकी थ्योरी पढ़ाई जा रही थी. लेकिन अब प्रेक्टिकल भी होंग. इंजीनियरिंग की पढ़ाई में शामिल होने के बाद छात्रों के लिए खासतौर से ऑटो मोबाइल, कोयले आदि की खान, ऑयल एण्ड गैस, रक्षा संस्थान और ऐथिकल हैकर्स के रूप में बड़ी-बड़ी कंपनियों में जॉब के रास्ते खुलेंगे.”

एआईसीटीई में पॉलिसी एंड एकेडमिक प्लानिंग ब्यूरो के सहायक निदेशक मनोज सिंह का इस बारे में कहना है, “सीआईआई, फिक्की, एसोचैम की मांग थी कि इंजीनियरिंग के छात्रों को अगर जॉब देनी है तो ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटो मेशन और रोबोटिक्स इंजीनियरिंग आदि जैसे कोर्स शामिल किए जाएं. उन्हीं की मांग के बाद ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल किया गया है. अन्य कोर्स पर अभी विचार चल रहा है.”

source: Singularityhub

इसे कहते हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अर्थ है बनावटी तरीके से विकसित की गई बौदि्धक क्षमता. इसके जरिए कंप्यूटर सिस्टम या रोबोटिक सिस्टम तैयार किया जाता है.  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले सिस्टम के जरिए 1997 में शतरंज के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शुमार गैरी कास्पोरोव को भी हराया जा चुका है.

ऐसे काम करता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

-इंसान की तरह सोचना.

-इंसान की तरह व्यवहार करना.

-तथ्यों को समझना एवं तर्क एवं विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया देना.

 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ऐसे मिलेगा फायदा

-लोगों को कम समय में जानकारी हासिल हो सकेगी.

-फाइनेंस, मौसम की जानकारी पल भर में हासिल हो जाएंगी.

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