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कभी चुनाव न हारने वाले आडवाणी का टिकट कटा और BJP नें कभी ना जीतने वाली स्मृती इरानी को दिया टिकट| क्या है माजरा ??

कभी चुनाव न हारने वाले आडवाणी का टिकट कटा और BJP नें कभी ना जीतने वाली स्मृती इरानी को दिया टिकट| क्या है माजरा ??

BJP नें अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है और आश्चर्य की बात यह है की उसमे बीजेपी के सबसे अनुभवी नेता लालकृष्ण आडवाणी का टिकट काट दिया है | इसमें कोई शक नहीं है की उनकी उम्र पार्टी में सबसे जादा है लेकिन यह भी सच है कि उनका अनुभव सबसे ज्यादा है | यह कहा जाता है की एक दौर वो था जब मोदी आडवाणी का माइक लेकर चला करते थे, लेकिन मोदी सरकार के आने पर आडवाणी का पार्टी में स्तर दिन प्रति दिन गिरता गया यहाँ तक की अब अमित शाह नें यह साफ़ कह दिया कि 75 साल से ज्यादा की आयु वाले चुनाव नहीं लड़ेंगे न ही उन्हें कोई पद दिया जाएगा .

बीजेपी की पहली लिस्ट आने के बाद ये साफ हो गया है कि पार्टी में मार्गददर्शक मंडल के नेताओं का काम अब सिर्फ मार्गदर्शन का ही रहेगा. यशवंत सिंहा पहले ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल चुके थे. ऐसे में सिर्फ लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पर फैसला होना था. साथ में 75 साल की उम्र सीमा पार कर चुके कलराज मिश्रा के भविष्य पर भी इस बार फैसला होना था. पार्टी ने जब पहली बार ये फैसला लिया कि 75 साल की उम्र सीमा पार कर चुके लोग सक्रिय राजनीति से बाहर होंगे, तो सबसे पहला नाम लालकृष्ण आडवाणी का आया.

पार्टी के इस ऐलान के बाद कलराज मिश्र समेत कई मंत्रियों ने सरकार से इस्तीफा भी दिया, लेकिन तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव हारने के बाद लगा कि पार्टी अपने इस नियम में ढील देगी. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ-साफ कहा था कि 75 वर्ष की उम्र सीमा पार कर चुके लोगों को सरकार में पद नहीं दिया जाएगा, लेकिन चुनाव लड़ें या नहीं, इसका फैसला वे स्वयं करेंगे ..

source: Hamari khabar

सोचने की बात यह है कि आडवाणी अपनी पुरे करियर में एक भी चुनाव नहीं हारे हैं और दूसरी और मोदी जी को अपना भाई बताने वाली स्मृति इरानी एक भी चुनाव नहीं जीती हैं परन्तु तब भी आडवाणी जी का टिकट काट किया गया है और मोदी जी बहन स्मृती इरानी को फिर टिकट देदिया गया है | क्या वजह है इसकी ?? क्या मोदी सरकार को स्मृती इरानी जेसे नेताओं से लगाओ जादा है या फिर लालकृष्ण आडवानी से कोई आपसे रंजिश है | साथ ही मज़े की बात यह की भाजपा नें अपने पहले उम्मीदवारों की सूची में 35 अपराधियों को टिकट किया है | अब इसे नेताओं को सहारना और कद्दावर नेताओं को किनारे लगाकर देश को क्या सन्देश देना चाहती है मोदी सरकार |

 

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