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2019 लोकसभा चुनाव में 2.1 करोड़ महिलाओं का नाम voters की सूचि से गायब | क्या इसे कररही है मोदी सरकार महिलाओं का सम्मान ??

2019 लोकसभा चुनाव में 2.1 करोड़ महिलाओं का नाम voters की सूचि से गायब | क्या इसे कररही है मोदी सरकार महिलाओं का सम्मान ??

पिछले 5 सालों में मोदी सरकार नें अपने मन की सुनी है मन की करी है यह हम सब जानते हैं | अब इसी के साथ लोकसभा इलेक्शन करीब हैं फिर बारी देश के राजा को चुनने की है | लेकिन मोदी जी नेत्रित्व में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में महिलाओं का नाम ही मौजूद नहीं है। 2014 से 2019 तक लगभग 2.1 करोड़ महिलाओ का नाम वोटिंग लिस्ट में से गायब है | इसकी क्या वजह हो सकती है ? कहीं एसा तो नहीं के वो महिलाए मोजुदा सरकार के खिलाफ वोट करने वाली हों ? या फिर उनका रुझान किसी और सरकार की तरफ हो ?

source: Telegraphh India

 

अमर उजाला के लेख के अनुसार , लोकसभा चुनाव 2019 कई नए रिकॉर्ड बनाने वाला है। इतिहास में पहली बार महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक होने की उम्मीद है। हालाांकि बेहतर तब होगा जब सभी महिलाएं मतदान कर पाएं। लेकिन मतदाता सूची से बड़ी संख्या में महिलाओं का नाम ही मौजूद नहीं है।

न्यूज वेबसाइट एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, “2011 के जनगणना आंकड़ों के अनुसार भारत में 2019 तक 18 साल से अधिक आयु वाली महिलाओं की संख्या 45.1 करोड़ होनी चाहिए। हालांकि मतदाता सूची में महिलाओं की संख्या 43 करोड़ ही है। यानी मतदाता सूची से 2.1 करोड़ महिलाओं का नाम गायब है।”

source: The Economic Times

इसका मतलब ये है कि प्रत्येक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से करीब 30 हजार महिलाओं का नाम नहीं है। वहीं उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य जहां के लोग ये तय करते हैं कि कौन सी पार्टी चुनाव जीतेगी और कौन सी नहीं, यहां भी प्रति निर्वाचन क्षेत्र की करीब 85 हजार महिलाओं का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। औसतन यह कुल मतदान का 8 फीसदी है।

इस पुरे मजरे में बड़ा सवाल यह है की अपने भाषण में महिला शशक्तिकरण की बात करने वाले मोदी जी कीस इस तरह महिलाओ को पॉवर देंगे | इसपर अन्य महिलाओं को सोच विचार करना चाइए और अपने वोट जवाब देना चाइये |

बता दें कि रिपोर्ट में ये आंकड़े ‘द वर्डिक्ट, पेंगुइन रेन्डम हाउस, इंडिया’ का हवाला देते हुए बताए गए हैं।

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