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अभी समय है !! खबर को ज़रूर पढ़िए और ग़लत अफवाहों से रहिये सतर्क, आखिर यह देश का सवाल है।

अभी समय है !! खबर को ज़रूर पढ़िए और ग़लत अफवाहों से रहिये सतर्क, आखिर यह देश का सवाल है।

देश में हुए हमले से लेकिन हाल ही में लिए गए बदले तक ना जाने क्या क्या अफवाहे अपने सुनी होंगी गिनती नहीं की जासकती। सवाल यह के हम सोशल मीडिया पर कुछ शर करने से पहले आखिर क्यों एक बार थोड़ा वक़्त निकलकर उसकी पड़ताल करलें। इसलिए यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी होगी।

फर्जी राष्ट्रवाद का ऐसा नैरेटिव तैयार किया गया है कि आज के पढ़े-लिखें नौजवानों के सोचने एवं समझने के रास्ते बंद हो गए है ! हमारी वायुसेना ने आज पाकिस्तान में घुसकर हमला जरूर किया है !!

साथ ही वायुसेना ने स्वीकार किया है कि इस हमला से जान-माल की क्षति नहीं हुई हैं, बल्कि आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है !! पाकिस्तानी सेना ने भी स्वीकारा है कि हमला हुआ जरूर है, मगर मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है !!

बीबीसी लंदन ने आज एक वीडियो जारी किया और उस वीडियो में उसी गाँव के एक व्यक्ति का इंटरव्यू प्रेषित किया है, जिस गाँव में आज भारतीय सेना हमला करने की बात कर रही है !! उस व्यक्ति का कहना है कि पांच धमाके हुए, धमाकों के लगभग पन्द्रह मिनट में हवाई जहाज वापस लौट गयी !! वह स्वीकार रहा है कि चार-पाँच कुटियाओं को नुकसान पहुँचा है और एक व्यक्ति घायल है !!

फिर यह 300 आतंकवादियों के मारे जाने की झूठी ख़बर कैसे परोसे जाने लगी ??

भारतीय मीडिया को यह कैसे ख़बर मिल गयी कि मसूद अजहर का बहनोई मारा गया है ??

source: daily post India

जब तक पाकिस्तानी सेना के अधिकारी ने छतिग्रस्त स्थानों की तस्वीर ट्विटर पर ट्वीट नहीं किया था, तब तक भारतीय मीडिया के पास इस हमला से प्रभावित स्थानों की कोई तस्वीर भी नहीं पहुँची थी, उस मीडिया को 300 आतंकियों के मारे जाने और मसूद अज़हर के बहनोई के मारे जाने की ख़बर कैसे मिल गयी ??

किस आधार पर आज प्रधानमंत्री मोदी चुरू के एक चुनावी सभा मे 300 आतंकी के मारे जाने की झूठी दिलासा लोगों को दे रहे है ??

जबकि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने अभी तक एक भी आतंकी के मृत्यु की पुष्टि नहीं करी है !! क्या घटनास्थल पर भारतीय मीडिया का कोई एंकर मौजूद है, जो लाइव रिपोर्टिंग कर रहा है या पीएमओ में ऐसी कोई दूरबीन लगी है, जो दिल्ली से बैठकर ही लेंस को जूम करके मृतकों की गिनती कर रहा है ??

एक वरिष्ठ मीडिया चैनल यह बता रहा है कि प्रधानमंत्री इस कारवाई को लाइव देख रहे थे और प्रधानमंत्री ने ही राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति को इस कारवाई की जानकारी दी है !!

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीनों सेनाओं का प्रमुख राष्ट्रपति होता है या प्रधानमंत्री होता है ??निःसन्देह राष्ट्रपति होता है !!

source: Yurodiaconia

फिर किस तरह का प्रोटोकॉल है कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति में कारवाई होती है और सेनाओं के मुखिया राष्ट्रपति को जानकारी तक नहीं होती है ??

जब यह सभी कारवाई हो रही थी, उस समय प्रधानमंत्री कंट्रोल रूम में थे, इसका क्या प्रमाण है ??

कोई वीडियो है भी या चुरू की जनता को मूर्ख बनाया गया ??

देश के युवाओं भले तुम अगले चुनाव में वोट भाजपा के मोदी जी को देना, मगर इन सभी बिंदुओं पर ठहरकर सोचना एवं फिर निष्कर्ष पर पहुँचना !!

कही ऐसा तो नहीं कि तुम्हारी बुद्धि एवं विवेक के दरवाज़े पर ग्रहण लगाने के लिए ये 300 आतंकी के मारे जाने की झूठी खबर फैला रहे है ??

( नोट :- पूरी पोस्ट को तीन बार पढ़ने के बाद और सोच कर बताए रें !! याद रहे कि यहां हमने ना तो आज के भारतीय सेना द्वारा किए गए हमले को नकारा हैं और ना ही सेना पर किसी तरह का कोई शक किया है !!

भारतीय सेना पर हमेशा गर्व था, गर्व है और गर्व रहेगा )

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