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आखरी चरण से पहले प.बंगाल में फिर चुनावी हिंसा, BJP-TMC के कार्यकर्ताओं के बीच चले लाठी-डंडे..

आखरी चरण से पहले प.बंगाल में फिर चुनावी हिंसा, BJP-TMC के कार्यकर्ताओं के बीच चले लाठी-डंडे..

Loksabha Elections 2019 के अंतिम मतदान होना बाकी हैं लेकिन बंगाल में हो रहीं हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही अंतिम  चरण के मतदान से एक दिन पहले शनिवार को पश्चिम बंगाल में फिर चुनावी हिंसा हुई है. अब देखना होगा की यह सब बस चुनाव के लिए था या कल के बाद भी यह सब थमने का नाम नहीं लेगा.

दक्षिण के  24 परगना जिले में BJP  और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं में एक बार फिर भिड़ंत हुई है. दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले हैं. इसमें 4 लोग घायल हुए हैं. घायलों को कैनिंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

इससे पहले भी भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) इस चुनाव में जीत हासिल करने के लिए अपनी सीमाओं को पर कर रही है जिसका एक नज़ारा बंगाल में देखने को मिला . बंगाल में BJP के कुछ समर्थक तोड्फोर करते दिखाई दिए .

BJP  और TMC के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की यह घटना कन्नीं थाना के अंतर्गत गोलाबाड़ी बैकन्तपुर ग्राम में हुई है. आरोप है कि BJP  के समर्थकों ने लोहे की रॉड और डंडों से तृणमूल कांग्रेस की पिटाई की है.

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वहीं BJP  कार्यकर्ताओं का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस के ‘गुंडों’ ने रॉड और बन्दूक से उन्हें मारा. इसमें BJP  के 3 लोग घायल हो गए हैं. इस घटना की शिकायत दोनों पक्षों ने ही कैनिंग थाने में शिकायत दर्ज करवाई है. पुलिस पुरे मामले की जांच कर रही है. बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के अंतिम चरण का मतदान रविवार को होना है. इससे पहले के सभी छह चरणों के मतदान के दौरान भी पश्चिम बंगाल में हिंसा देखने को मिली है.

Source: India Today

पहले लगभग 58 BJP समर्थकों की हुई थी गिरफ्तारी :

Indian Express  ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस हिंसा को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार सभी 58 लोग BJP समर्थक हैं. ये सभी लोग पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों से यहां आए थे. TMC  ने आरोप लगाया था कि BJP बाहर से लोगों को यहां लेकर आई है.

Hostel की छत से पत्थरबाजी

एक BJP वर्कर ने बताया कि जब हम लोग वहां से गुजर रहे थे, तब हमारी तरफ पत्थरबाजी हुई. उन्होंने हॉस्टल की छत से हमारी तरफ पत्थर फेंके, जिससे हमारे कुछ लोग भी घायल हुए. नहीं तो हम बिना किसी कारण हॉस्टल में क्यों घुसते?

इसी इलाके में ज्वैलरी शॉप चलाने वाले अरविंद सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पूरे आधे घंटे तक ये बवाल चलता रहा. लेकिन वहां पुलिस नहीं थी. BJP समर्थकों की संख्या TMC  समर्थकों से ज्यादा थी. कुछ लोगों ने कैंपस के अंदर से पत्थर फेंकने शुरू किए और BJP समर्थकों ने जबरन कैंपस में घुसकर सब कुछ तोड़ डाला.

‘गेट को धक्का देने लगे लोग’

विद्यासागर कॉलेज के केयरटेकर एसआर मोहंती ने बताया कि उन्हें रोड शो के वहां पहुंचने के 15 मिनट पहले करीब शाम 6:30 बजे गेट बंद करने को कहा गया था. तभी रोड शो में शामिल करीब 50-60 लोग गेट को धक्का देने लगे. उन्होंने पानी की बोतलें भी कैंपस की तरफ फेंकी. इसके बाद मैं ऊपर भागा और कुछ छात्र पीछे की तरफ भागे. उन्होंने फर्नीचर और विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी, इसके बाद पुलिस वहां आ गई.

जर्नलिज्म की एक स्टूडेंट ने बताया कि वो उस वक्त कैंपस से वापस जा रही थी. लेकिन लोगों की भीड़ देखकर उसे सेकेंड फ्लोर पर छिपना पड़ा. उसने बताया, मैंने सुना कि वो लोग तोड़फोड़ करते हुए जय श्री राम के नारे लगा रहे थे. मैं अपने दो दोस्तों के साथ ऊपर की तरफ भागी. इसके बाद पुलिस ने वहां आकर भीड़ को वहां से निकाला.

इस बात का अंत बस यही आकर होता है की इस तरह के चुनावी हिंसा राजनीतिक पार्टियों को फायदा पहुंचाते हैं और आम जनता को नुक्सान .

Source: Zee News

 

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