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सोशल मीडिया पर फिर उडी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खिल्ली, की वो गलती जो नहीं कर सकता पांच साल का बच्चा भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो (10 अप्रैल) का बताया जा रहा है। बता दें कि, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू किए गए भारत के पहले सत्याग्रह ‘चंपारण सत्याग्रह’ के 100 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (10 अप्रैल) को बिहार गए हुए थे और उन्‍होंने चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के समापन अवसर पर ‘सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह’ कार्यक्रम में शिरकत की|

कार्यक्रम में भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जबान फिसल गई, जिसको लेकर अब उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। दरअसल, भाषण के दौरान पीएम मोदी ने महात्‍मा गांधी का गलत नाम ले बैठे। उन्‍होंने कहा, ‘बिहार ने मोहनलाल करमचंद गांधीजी को महात्‍मा बना दिया, बापू बना दिया था।

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बता दें कि, महात्मा गांधी का पूरा नाम ‘मोहनदास करमचंद गांधी’ था और उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था।पीएम मोदी की इस गलती का वीडियो कांग्रेस नेता गौरव पंधी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है|कांग्रेस नेता गौरव पंधी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, ‘देश के राष्‍ट्रपिता का नाम न जानने वाले वह (मोदी) पहले प्रधानमंत्री हैं! या उन्‍होंने जानबूझकर ऐसा किया है? यहां तक कि 5 साल का बच्‍चा भी जानता है कि ‘मोहनदास’ करमचंद गांधी नाम था, इस पर कोई तीखी बहस नहीं होगी|

साथ ही कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी से यह गलती पहली बार नहीं हुई। वह कई बार महात्‍मा गांधी का गलत नाम ले चुके हैं। उन्‍होंने लिखा कि, ‘या तो प्रधानमंत्री निरे दर्जे के मूर्ख हैं जो अपनी गलतियों से नहीं सीखते या फिर वह जानबूझकर ऐसा करते हैं, मीडिया भी उनके लिए शील्‍ड का काम करती है।’ बता दें कि, कांग्रेस नेता गौरव पंधी के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर पीएम मोदी को खरी-खोटी सुना रहें है। इसी बीच एक यूजर ने लिखा कि, ‘भाई एजुकेशन का फर्क है जो ये लोग महात्‍मा गांधी का पूरा नाम भी नहीं जानते, नाथूराम का नाम पूछोगे तो उसके पूरे खानदान का नाम बता देंगे ये लोग।’ वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि, ‘किसी दिन मोहनलाल ही ऐड हो जाएगा, ग़ांधी जी के नाम मे। दास अंग्रेजो के वक्त का नाम था।’

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वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि, ‘हो सकता है इन्होंने जिस प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की हो वो संघ संचालित हो। इतिहास से छेड़-छाड़ करना और लोगों के बीच नफरत फैलाने का काम संघ अपने जन्म काल से ही कर रहा है। वरना ऋषि मुनियों के देश में इतनी नफरत और हिंसा कहाँ से आई ?

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