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मालेगांव ब्लास्ट केस में BJP की Pragya Thakur को हर हफ्ते काटने होंगे कोर्ट के चक्कर !

मालेगांव ब्लास्ट केस में BJP की Pragya Thakur को हर हफ्ते काटने होंगे कोर्ट के चक्कर !

हाल में नाथूराम गोडसे को एक सच्चा देश भक्त बताने वाली भोपाल से BJP के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ रहीं Pragya Thakur को अब हर हफ्ते कोर्ट के चक्कर काटने होंगे . कोर्ट का कहना है की Pragya समेत दुसरे आरोपियों को भी जाना होगा .

नवजीवन इंडिया के लेख के अनुसार , NIA की विशेष कोर्ट ने शुक्रवार को मालेगांव ब्लास्ट केस में BJP की Pragya Thakur समेत सभी आरोपियों को हर हफ्ते कोर्ट में हाजिरी लगाने का आदेश दिया है। मालेगांव केस की सुनवाई के दौरान प्रज्ञा समेत दूसरे आरोपियों के गायब रहने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी।


बता दें Pragya Thakur को कोर्ट ने स्वास्थ्य सम्बन्धी कारणों के चलते जमानत दी थी। जमानत मिलने के बाद बीजेपी ने प्रज्ञा को मध्य प्रदेश के भोपाल लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था। हाल ही में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देश भक्त बताने वाले बयान पर Pragya Thakur विवादों में फंस गयी थीं, जिसके बाद BJP  ने सफाई देते हुए कहा था कि ये उनका निजी बयान है इसका पार्टी की विचारधारा से कोई लेना देना हैं।

मालेगांव ब्लास्ट केस में BJP की Pragya Thakur को हर हफ्ते काटने होंगे कोर्ट के चक्कर !
Source: Sabrangindia

क्या है Pragya Thakur का पूरा मामला:

गौरतलब है कि साल 2008 में रमजान के पवित्र महीने में महाराष्ट्र के मालेगांव के अंजुमन चौक और भीखू चौक पर सिलसिलेवार बम धमाकों में छह लोगों की मौत हुई थी, जबकि 101 लोग घायल हुए थे। शुरूआती जांच में यह बात सामने आई थी कि इन धमाकों में एक मोटरसाइकिल प्रयोग की गई थी, जो साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नाम पर थी।

इससे यह बात साफ़ ज़ाहिर होती है के BJP नें एक इसे इंसान को अपना प्रतियाशी बनाया है जो कोर्ट की नज़रों में अबी भी आतंकवादी है . साध्वी प्रज्ञा नें हाल ही में सवाल पूछे जाने पर गोडसे को एक सच्चा देश भक्त भी बताया था .अब इसे व्यक्ति का चुनाव में आना ही इस देश का दुर्भाग्य होगा .

इस मामले में 13 मई 2016 को एनआईए द्वारा जारी के गयी एक नई चार्जशीट में रमेश शिवाजी उपाध्याय, समीर शरद कुलकर्णी, अजय राहिरकर, राकेश धावड़े, जगदीश महात्रे, कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी उर्फ स्वामी दयानंद पांडे सुधाकर चतुर्वेदी, रामचंद्र कालसांगरा और संदीप डांगे के खिलाफ पुख्ता सबूत होने का दावा किया था जबकि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, शिव नारायण कालसांगरा, श्याम भवरलाल साहू, प्रवीण टक्कलकी, लोकेश शर्मा, धानसिंह चौधरी के खिलाफ मुकदमा चलाने लायक सबूत नहीं होने की बात कही गई।

मालेगांव ब्लास्ट 2008 के मुख्य आरोपी के तौर पर 4 और कुल 7 लोगों का नाम सामने आया था. चार मुख्य आरोपी थे प्रज्ञा ठाकुर , पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय और स्वामी दयानंद पांडे. धमाकों की शुरुआती जांच महाराष्ट्र ATS की तरफ से करने के बाद उसपर यूपीपीए की धारा लगाई गई थी. फिर यह केस NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी) को सौंप दिया गया था. जिसके बाद इस मामले में कर्नल पुरोहित और साध्वी समेत कुल 7 आरोपियों पर आतंकी साजिश रचने के आरोप तय हुआ था. ATS ने जांच में पाया कि इसके आरोपियों के तार 2006 मालेगांव ब्लास्ट से भी जुड़े थे. इसी के चलते NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी)  के कहना है की हफ्ते में एक बार अदालत में पेश होने का आदेश दिया है. अदालत ने शुक्रवार को प्रज्ञा ठाकुर , ले. कर्नल प्रसाद पुरोहित और दूसरे आरोपियों को ये आदेश दिया. कोर्ट ने आरोपियों के कोर्ट में पेश न होने पर नाराज़गी भी ज़ाहिर की है. इस मामले में अगली सुनवाई 20 मई को होगी.

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