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आख़िर किसका समर्थन बना रहा है ऐसे निर्लज्ज हत्यारे को कट्टरपंथी समूहों का हीरो, जेल के अंदर से बनाया नया भड़काऊ वीडियो

राजस्थान के राजसमन्द में अफ़राज़ुल की हत्या का आरोपी शंभुलाल रैगर इस वक़्त जोधपुर की जेल में है..हाल ही में न्यूज़ चैनल ndtv ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें शंभुलाल रैगर नफ़रत फैलाने वाली बातें कर रहा है| वीडियो में वो लोगों को अल्पसंख्यक समाज के ख़िलाफ़ भड़का रहा है. साथ ही कह रहा है कि उसने जो किया, उसका कोई अफ़सोस नहीं है. वीडियो में वो कह रहा है कि ये वीडियो जोधपुर की जेल से बना रहा है| वीडियो के सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि आख़िर जेल में बंद हत्या के आरोपी को वीडियो बनाने के लिए जेल में मोबाइल फ़ोन कैसे मिला? इसे जेल की सुरक्षा में भारी चूक माना जा रहा है|

. जब एनडीटीवी ने इस वीडियो को लेकर राजस्थान के गृह मंत्री से बात की तो उन्होंने कहा कि पूरा तथ्य सामने आने के बाद वो इस मामले को देखेंगे| आपको बता दें कि  राजस्थान के राजसमंद इलाके में पश्चिम बंगाल के मालदा के रहने वाले 48 वर्षीय मुस्लिम मजदूर मोहम्मद अफराजुल की ‘लव जेहाद’ का बदला लेने के नाम पर शंभूलाल रैगर ने  नृशंस हत्या और शव को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया था. इस घटना का भी उसने वीडियो बना लिया था|

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वीडियो सामने के आने के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस ने शंभूलाल को गिरफ्तार कर लिया था| जांच में पता चला कि तीन बच्चों का पिता 33 वर्षीय रैगर, फोन पर नफरत वाले वीडियो देखता था और बेरोजगार था| वह कई उग्र समूहों का हिस्सा रहा है|

वह राजसमंद में एक संयुक्त परिवार में रहता है और उसके माता-पिता गुजरात में काम करते हैं. उसकी बड़ी बेटी 16 साल की है, जबकि उसकी सबसे कम उम्र की बेटी 13 साल की है, जिसे वायरल वीडियो में देखा जा सकता है. इससे पहले, वह संगमरमर का व्यवसाय करता था, जो चल नहीं पाया, इसलिए वह इस समय कुछ नहीं कर रहा था|

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कट्टरपंथी समूहों के लिए हीरो बनना चाहता था रैगर‘ 
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, वह आतंक फैलाना चाहता था कुछ ऐसा करके जिससे वह कुछ कट्टरपंथी समूहों के लिए एक हीरो बन जाए। वह जानता था कि अफराजुल घरों का ठेकेदार है और घटना के दिन उसने अफराजुल से एक साइट दिखाने के लिए कहा, जहां पर कथित तौर पर निर्माण कार्य शुरू करना था।’

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