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Asifa Rape Case : आखिर क्यों कठुआ रेप कांड सबसे अलग  खतरनाक साबित हुआ ?जानिए

Asifa Rape Case : आखिर क्यों कठुआ रेप कांड सबसे अलग खतरनाक साबित हुआ ?जानिए

कभी कश्मीर उन्नाओ तो कभी अलीगढ़ देश के किसी न किसी कोने से किसी के साथ दरिंदगी की खबर आना जैसे आम सा हो गया है . अलीगढ में हुई दरिंदगी के बाद देश के हर कोने से आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की जा रही है. साथ ही TV और Social Media में अलग-अलग कुनबों के लोग अलीगढ़ की घटना में राजनीतिक और सामाजिक न्याय की बात कर रहे हैं. इसी आपाधापी में संयोग से KATHUA गैंगरेप पर आज फैसला आने जा रहा है. मामले में सात को दोषी करार दिया गया जबकि एक आरोपी बरी हो गया. इस दौरान कई लोग अलीगढ़ और KATHUA के मामले को जोड़कर पेश कर रहे हैं, लेकिन यह मामला ऐसी किसी घटना से काफी अलग है.

Asifa Rape Case : आखिर क्यों कठुआ रेप कांड सबसे अलग  खतरनाक साबित हुआ ?जानिए

क्या था मामला KATHUA कांड

KATHUA में अल्पसंख्यक घुमंतू समुदाय की आठ साल की मासूम को घोड़ों को चराते समय कथित रूप से 10 जनवरी 2018 अगवा करने के बाद एक मंदिर में बंधक बनाकर सामूहिक बलात्कार किया गया और 13 जनवरी को उसकी हत्या कर दी गई थी. KATHUA के गांव के इस मंदिर के संरक्षक और दो पुलिसकर्मियों समेत आठ लोगों को करीब दो महीने बाद उनकी कथित संलिप्तता को लेकर गिरफ्तार किया गया था. लेकिन मामला इसके बाद ज्यादा बड़ा हो गया था.

Asifa Rape Case : आखिर क्यों कठुआ रेप कांड सबसे अलग  खतरनाक साबित हुआ ?जानिए
Source: VoicecOf South India

दरिंदगी की हद तक गए आरोपी

चार्जशीट में दरिंदगी की एक और बानगी दिखती है. इसके मुताबिक जब सभी आरोपी मासूम से बारी-बारी से रेप कर रहे थे, तब नाबालिग ने मेरठ में पढ़ने वाले अपने चचेरे भाई को फोन करके कहा कि अगर वह ‘मजा लूटना चाहता’ है तो आ जाए. इतना ही नहीं चार्जशीट के मुताबिक, बच्ची को मारने से ठीक पहले एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें कुछ देर के लिए रोका, क्योंकि वह अंतिम बार फिर रेप करना चाहता था. इसके बाद दूसरों ने भी फिर से बच्ची का रेप किया.

पुलिसकर्मियों ने भी दिया था बलात्कारियों का साथ

चार्जशीट में कहा गया है कि रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई. मारने के बाद भी आरोपियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए मासूम मर जाए, उसके सिर पर पत्थर से कई वार किए. बाद में जांच के दौरान राम ने पुलिसकर्मियों को मामला दबाने के लिए 1.5 लाख रुपये की रिश्वत भी दी. जबकि मामले में कार्रवाई रिपोर्ट लिखने के करीब दो महीने बाद शुरू हुई.

आरोपियों के समर्थन में मचाया गया था शोर :

भारत के इतिहास में पहली बार Rape के आरोपियों के समर्थन में निकाली थी तिरंगा यात्राक्राइम ब्रांच के खिलाफ हिंदू एकता मंच ने खुलेआम लोगों का समर्थन हासिल करने के लिए तिरंगे का इस्तेमाल किया. ऐसा होना देश के लिए बड़ी शर्म की बात थी।

कौन-कौन साबित हुआ KATHUA कांड में दोषी

आरोपियों में सांझी राम, सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, दो विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा, हेट कॉन्स्टेबल तिलक राज और स्थानीय नागरिक प्रवेश कुमार को दोषी करार दिया गया है. इनके खिलाफ रेप, मर्डर और साक्ष्यों को छिपाने की अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. जबकि सांझी राम के बेटे विशाल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है.

Asifa Rape Case : आखिर क्यों कठुआ रेप कांड सबसे अलग  खतरनाक साबित हुआ ?जानिए
Source: Muslim Mirror

मामले में रेप नहीं हुआ, यह साबित करने में लग थे संगठन

कई अलग-अलग मौकों पर यह साबित करने की कोशिश की गई कि KATHUA मामले में रेप नहीं हुआ है. यह हत्या का मामला है. देश के एक प्रतिष्ठित अखबार ने पहले पन्ने पर KATHUA मामले में नहीं हुआ है रेप जैसे शीर्षक से खबर प्रकाशित की. लेकिन स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर जे के चोपड़ा ने कहा कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने हाल में चीफ ज्यूडिशियरी मजिस्ट्रेट की अदालत के सामने अपना बयान दर्ज कराया. जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच का प्रतिनिधित्व करने वाले चोपड़ा के अनुसार, डॉक्टरों ने कहा कि पीड़ित का यौन उत्पीड़न हुआ था और उन्होंने उसकी मौत के लिए दम घुटने को कारण बताया.

आरोप‌ियों को बचाने की हुई कवायद, निकाली गई थी तिरंगा यात्रा

4 मार्च को हिंदू एकता मंच की रैली में शामिल हिमांशु कुमार ने कहा कि आरोप पत्र में लगाए गए सारे आरोप गलत हैं. उनका कहना है कि केस को सीबीआई को सौंपना चाहिए. उनका कहना है कि क्राइम ब्रांच की जांच मनगढ़ंत है. उनका कहना है कि जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं उनको पीटा गया है. आखिर एक बच्ची के रेप में इतने सारे लोग कैसे शामिल हो सकते हैं.

इसी तरह की बात हिंदू एकता मंच के अध्यक्ष व बीजेपी के राज्य सचिव, एडवोकेट विजय शर्मा का कहना है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपने मन से कहानी बनाकर चार्जशीट दाखिल किया है. इनका कोई आधार नहीं है. शर्मा ने कहा कि आप को क्या लगता है बाप और बेटे दोनों ने एक साथ मिलकर किसी का रेप करेंगे और उसकी हत्या कर देंगे. हम इस जांच को नहीं मानते.

उन्होंने क्राइम ब्रांच द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसे संभव है कि किसी बच्ची को ‘देवीस्थान’ पर बंधक बना के रखा जाए, जबकि वहां मंदिर में रोज़ाना इतने लोग आते जाते हैं. कुछ कश्मीर आधारित पार्टियां इसे मुद्दा बनाना चाहती है. आखिर केस को सीबीआई को सौंपने में क्या दिक्कत है.

 

मंत्रियों ने किया था आरोपियों का बचाव

तत्कालीन जम्मू कश्मीर के विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से उनके मंत्रिमंडल के दो सदस्यों को बर्खास्त करने की मांग की थी. इन मंत्रियों ने KATHUA बलात्कार और हत्या मामले में आरोपियों का बचाव करने का कथित तौर पर प्रयास किया था.

बैंक कर्मी ने कहा था अच्छा हुआ मर गई नहीं तो बड़ी होकर बनती सुसाइड बांबर

दूसरी तरफ KATHUA में आठ साल की बच्ची के साथ हुई ज्यादती और हत्या को सही बताने वाले केरल के पूर्व बैंक कर्मी के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कर ली गई है. बैंक कर्मी ने फेसबुक पर टिप्पणी की थी कि ‘अच्छा हुआ मर गई नहीं तो बड़ी होकर सुसाइड बमर बनती’. इस टिप्पणी के वायरल होने के बाद बैंक ने कर्मी की सेवा समाप्त कर दी थी.

मां-बाप का जान से मारने की धमकी, नहीं मिली थी शव दफनाने की भी जगह

सबीना (काल्पनिक नाम) और याकूब (काल्पनिक नाम) अपने घर रासना में लौटने से डर रहे हैं. उन्हें याद है कि अपनी मृत बेटी को दफनाने के लिए किस तरह उन्हें दर-दर भटकना पड़ा था. ये दोनों कई गांव गए लेकिन किसी ने भी इन्हें दफनाने के लिए जगह नहीं दी. आखिरकार सात किलोमीटर दूर जा कर इन्हें अपनी बेटी को दफनाना पड़ा था. गांव पहुंचने से पहले इन्हें धमकी दी जा रही है. इनकी बेटी के साथ जो कुछ भी हुआ उसके लिए इन दोनों को ही ज़िम्मेदार ठहाराया जा रहा है.

 

पीड़िता के पिता का बयान

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के KATHUA स्थित घर पर ताला लगा है. पूरा परिवार गांव छोड़कर जम्मू से 10 किलोमीटर दूर उधमपुर जिले के पास चला गया है. News18 से बात करते हुए पीड़िता के पिता ने बताया, “जिस तरह से कुछ स्थानीय लोग मेरी बेटी के हत्यारों और गुनहगारों का समर्थन कर रहे हैं. उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं. उससे घर के सभी लोग डरे हुए हैं. मेरी बच्चियां असुरक्षित महसूस करती हैं.”

 

UN का KATHUA पर बयान

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में ये बातें कही. उन्होंने कहा, “हमने बच्ची के साथ गैंगरेप के इस जघन्य अपराध की मीडिया रिपोर्ट देखी हैं. हमें उम्मीद है कि अधिकारी अपराधियों को कानून के दायरे में लाएंगे, ताकि बच्ची के साथ गैंगरेप और उसकी हत्या के मामले के सभी आरोपियों को कड़ी सजा मिल सके.” बच्ची के साथ रेप और उसकी हत्या के मामले पर महासचिव की प्रतिक्रिया पूछे जाने पर दुजारिक ने यह बयान दिया.

PM Modi ने आखिरकार दिया था बयान

जम्मू-कश्मीर के KATHUA गैंगरेप और उन्नाव मामले को लेकर पीएम मोदी ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है. पीएम मोदी ने दिल्ली में आंबेडकर मेमोरियल का उद्घाटन करते हुए कहा कि इन दोनों मामलों में बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा. उन्होंने कहा कि गुनहगारों को कड़ी सजा मिलेगी. गैंगरेप की इन दो घटनाओं के बाद जहां एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें विपक्ष के निशाने पर हैं, वहीं दूसरी ओर देशभर में उबाल देखा जा रहा है.

Source: News 18 India

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