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क्या Priyanka Gandhi की तीन सूत्री रणनीति लौटाएगी UP में Congress का खोया हुआ वजूद? जानिए क्या प्रियंका नें पूरा किया मकसद ?

क्या Priyanka Gandhi की तीन सूत्री रणनीति लौटाएगी UP में Congress का खोया हुआ वजूद? जानिए क्या प्रियंका नें पूरा किया मकसद ?

Loksabha Election 2019 में बहन Priyanka का जादू  BJP और सपा-बसपा गठबंधन के प्रदर्शन पर खासा असर डाल रहा है. दूर से देखने पर लग सकता है कि UP में Congress छोटे दल के तौर पर लड़ रही है, लेकिन ये नतीजों पर बड़ा असर डालेगी. जिसकी असली वजह Priyanka Gandhi का राजनीती में कदम रखना है .

Congress उन्नाव, कानपुर, फतेहपुर सीकरी, बाराबंकी, बहराइच, कुशीनगर, धारहौरा, रायबरेली और अमेठी जैसी जीतने वाली सीटों पर पूरी ताकत झोंकने की रणनीति पर काम कर रही है. दूसरी तरफ, UP की एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर Congress के होने पर  मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. उत्तर प्रदेश में जिन सीटों पर Congress की जीत की उम्मीद कम है वहां Congress महागठबंधन और BJP दोनों के वोट काटने का काम कररही है .

हाल में Congress महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी Priyanka Gandhi ने कहा था कि पार्टी का उद्देश्य कई सीटों पर BJP के वोट काटना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कई सीटों पर ऐसे प्रत्याशियों को उतारा गया है जो BJP के वोट काट सकें. उन्होंने कहा, ‘जिन सीटों पर Congress जीत सकती है, वहां मजबूत प्रत्याशी उतारे गए हैं और जहां प्रत्याशी कमजोर हैं, वहां BJP को नुकसान पहुंचाएंगे.’ असल में सच्चाई कुछ और ही है . जहाँ कांग्रेस कमज़ोर है वहां वो सिर्फ BJP को नहीं बल्कि महागठबंधन को भी नुक्सान पोहचा रही है .

Source: Latestly

BJP के साथ SP – BSP  को भी नुकसान

UP की सभी सीटों का आकलन करने पर पता चलता है कि Congress 40 सीटों पर BJP , तो 20 सीटों पर गठबंधन को नुकसान पहुंचा रही है. वहीं, आठ सीटों पर Congress और गठबंधन के बीच सहमति स्पष्ट नजर आ रही है. Congress ने मैनपुरी, फिरोजाबाद, आजमगढ़, कन्नौज, मुजफ्फरनगर और बागपत में कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है. वहीं, गठबंधन ने भी रायबरेली और अमेठी से दूरी बनाकर रखी है.

जातीय समीकरणों पर किया प्रत्याशी चयन

Congress ने अगड़ी जातियों के 17 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जो BJP के मतदाता माने जाते हैं. वहीं, हाल में BJP के पक्ष में मतदान करने वाले कुर्मी, कोरी, लोध और शाक्य मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए 11 गैर-ओबीसी प्रत्याशियों को टिकट दिया. कुछ सीटों पर गैर-जाटव प्रत्याशियों को उतारकर BJPके वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है. स्पष्ट है कि Congress ने जातीय समीकरणों के आधार पर रणनीति बनाकर प्रत्याशियों का चयन किया.

Source: MoneyControll

क्या है Priyanka Gandhi की तीन सूत्री रणनीति ?

इसका दूसरा पहलू यह भी है कि Congress 10 सीटों पर 7 मुस्लिम और 3 जाटव प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर गठबंधन को भी नुकसान पहुंचा रही है. रणनीति के तहत Congress का पहला जोर उन सीटों पर है, जहां से वह जीत सकती है. दूसरा, Congress विरोधी दलों के वोटबैंक में सेंध लगाकर अपनी जमीन मजबूत करने की रणनीति पर चल रही है. तीसरा, Congress BJP और गठबंधन के आधार वाले समुदायों में भी पैठ बनाने की योजना पर काम कर रही है.

2022 को मद्देनज़र रखकर बनाई योजना

यह सच है की Congress को UP में जादा सीटें नहीं मिल सकती लेकिन Congress का असली मकसद यूपी में उठकर खड़ा होना है . Congress चाहती है कि सभी समुदायों में उसकी जमीन मजबूत हो. साथ ही इन चुनावों में UP में उसका वोट शेयर भी बढ़े ताकि साबित हो सके कि राज्य में पार्टी दोबारा खड़ी हो रही है. पार्टी की सारी कवायद 2022 में होने वाले UP विधानसभा चुनाव को लेकर है ताकि वह राज्य की सत्ता में वापसी कर सके. हो सकता है कि कुछ राजनीतिक विश्लेषकों को Priyanka की यह रणनीति नकारात्मक लगे, लेकिन लंबी अवधि में यह Congress को चुनावी फायदा दे सकती है.

Source: News18 Hindi

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