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कश्मीर में तनाव: श्रीनगर एयरपोर्ट से ही वापस दिल्‍ली भेज दिए गए गुलाम नबी आजाद और अहमद मीर

कश्मीर में तनाव: श्रीनगर एयरपोर्ट से ही वापस दिल्‍ली भेज दिए गए गुलाम नबी आजाद और अहमद मीर

Article 370 में संशोधन के बाद केंद्र सरकार जम्‍मू-कश्‍मीर में शांति का दावा कर रही है. हालांकि कांग्रेस इससे सहमत नहीं दिखती. पार्टी के वरिष्‍ठ नेता व राज्‍यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद को आज श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया. उनके साथ J&K कांग्रेस प्रमुख गुलाम अहमद मीर भी थे. आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से श्रीनगर में धारा-144 लगी हुई है. यहां तक कि घाटी में शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय नेताओं को भी नजरबंद कर दिया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इसी मुद्दे पर राष्‍ट्र को संबोधित कर सकते हैं. आकाशवाणी की तरफ से पहले जानकारी दी गई थी कि वह शाम 4 बजे राष्‍ट्र के नाम संबोधन देंगे. हालांकि बाद में यह ट्वीट डिलीट कर दिया गया. माना जा रहा है कि पीएम मोदी के कार्यक्रम के समय में बदलाव हो सकता है.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला रविवार रात से ही नजरबंद हैं. उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए खतरा बताते हुए सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया गया था. दोनों ही नेताओं को श्रीनगर के हरि निवास गेस्ट हाउस में रखा गया है.

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला के बाद अब ऐहतियात के तौर पर पुलिस ने पूर्व मंत्री और डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी के अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह को नजरबंद कर दिया है. लाल सिंह पहले जम्मू के नेता हैं, जिन्हें नजरबंद किया गया है. चौधरी लाल सिंह को जम्मू के गांधीनगर में उनके सरकारी आवास से निकलने की इजाजत नहीं है.

बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल दक्षिणी कश्मीर के शोपियां पहुंचे थे. यहां से उनका एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें वह स्थानीय लोगों से मिलते नज़र आ रहे हैं और उसके बादे उनके साथ खाना खाते नज़र आ रहे हैं.

बताया जाता है कि गुलाम नबी आजाद से सुबह जब पूछा गया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कश्मीर में आम लोगों से मिल रहे हैं तो आजाद ने कहा, पैसे देकर आप किसी को भी अपने साथ ले सकते हैं. आज़ाद के इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन ने उनसे माफ़ी की मांग की है. शाहनवाज़ हुसैन ने कहा है कि ऐसे बयानों को ही भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान इस्तेमाल करता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं.

आजाद ने कहा कि कश्मीर के लोगों पर कर्फ्यू लगाकर, टेलीफ़ोन लाइनें और इंटरनेट को प्रतिबंधित कर और स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर कानून बनाया गया है. भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब कानून बनाने के लिए किसी सरकार ने ऐसा कदम उठाया हो.

 

 

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