Share
बाहरी लोगों को लाने के लिए धर्मशाला नहीं है भारत..आर्थिक मंदी से ध्यान हटाने में अमित शाह सफल : राज ठाकरे

बाहरी लोगों को लाने के लिए धर्मशाला नहीं है भारत..आर्थिक मंदी से ध्यान हटाने में अमित शाह सफल : राज ठाकरे

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि बाहरी लोगों को लाने के लिए भारत कोई धर्मशाला नहीं है। यहां के 135 करोड़ लोगों की समस्याएं हल करने में सरकार विफल है। बाहर के लोग आकर यहां की नौकरी हासिल करेंगे। राज ठाकरे ने कहा कि शिवसेना और भाजपा ने राज्य में मिले जनादेश का अपमान किया है। जनता दोनों को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है।

उन्होंने कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है, देश के नागरिकों का ध्यान रखा नहीं जाता और बाहर से लोगों को लाया जा रहा है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर भेजना चाहिए.

पुणे में राज ठाकरे  ने पत्रकारों को बताया कि देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। आगे हालात और भी खराब होने वाले हैं लेकिन अमित शाह अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने नागरिक संशोधन अधिनियम  (CAA) और नेशनल सिटिजन रजिस्टर (NRC) लाकर पूरे देश का ध्यान इस गंभीर समस्या से हटा दिया है। पूरे देश में नागरिकता साबित करने की चिंता फैल गई है और हर जगह हालात खराब हो गए हैं। जिस तरह की स्थिति नोटबंदी के समय हुई थी, उसी तरह की स्थिति उत्पन्न हो गई है। राज ठाकरे ने कहा कि 135 करोड़ के इस देश को और अधिक लोगों की जरुरत नहीं है। जनसंख्या अधिक होने से सारा सिस्टम फेल हो गया है।

ठाकरे ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि इंसानियत के नाम पर लोग सड़कों पर क्यों उतर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं अमित शाह का अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने आर्थिक मंदी से ध्यान भटकाने के लिए ये खेल खेला.

नागरिकता साबित करने के लिए आधार कार्ड को आधार नहीं माना जाएगा, इस तरह की जानकारी मिल रही है। फिर आधार कार्ड बनवाने के लिए इतनी लंबी कतारें क्यों लगवाई गई। अजीब बात है, जिस आधार कार्ड पर मतदान देने का अधिकार है, उसी आधार कार्ड को नागरिकता साबित करने के लिए वैध नहीं माना जा रहा है। राज ठाकरे ने कहा कि देश में इंटर स्टेट माइग्रेशन एक्ट कानून पहले से मौजूद है। इस कानून का प्रभावी तरीके से अमल करने की जरुरत है। सिर्फ पुलिस का हाथ खोल दिया जाए, देश में छिपे पाकिस्तानी, बांग्लादेशी को निकाला जा सकता है।

राज ठाकरे ने कहा कि देश के मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है लेकिन देश में रहने वाले पाकिस्तानी, बांग्लादेशियों को बाहर निकालना जरूरी है। सत्ता में बैठे लोग ही वोट बैंक की खातिर इन्हें आश्रय दे रहे हैं। सब कुछ वोट बैंक के लिए हो रहा है ,जो दुख देने वाला है।

राज ठाकरे ने कहा कि पाकिस्तान -भारत, बांग्लादेश -भारत की सीमाएं खुली हुई हैं। हर दिन बड़ी संख्या में घुसपैठ हो रही है। इस परध्यान नहीं दिया जा रहा है और सीएए व एनआरसी के नाम पर लोगों का ध्यान मूल समस्या से हटाया जा रहा है।

हालांकि वो हिंसक प्रदर्शन करने वालों पर भी बरसे और कहा कि इंसानियत के नाम पर इस तरह सड़कों पर उतरना ठीक नहीं है. पिछले काफी वक्त से राज ठाकरे बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं. अब देखना ये होगा कि सरकार उनके आरोपों का क्या जवाब देती है

Source: ABP & Daily Hunt

Leave a Comment