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Article 370: कश्मीर मसले पर अधीर रंजन ने किया UN का जिक्र, कुछ ऐसा था सोनिया गांधी का रिएक्शन

Article 370: कश्मीर मसले पर अधीर रंजन ने किया UN का जिक्र, कुछ ऐसा था सोनिया गांधी का रिएक्शन

जम्‍मू-कश्‍मीर पुनर्गठन बिल मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया है, जम्मू-कश्मीर को स्पेशल स्टेटस देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 को खत्म करने और कश्मीर के दो हिस्से करने वाले बिल पर लोकसभा में घमासान मचा है. कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल का कड़ा विरोध किया, लेकिन इस दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन और मनीष तिवारी ने पार्टी का पक्ष रखा. सदन में अधीर रंजन ने कश्मीर के मसले पर UN का जिक्र किया जिससे सोनिया गांधी नाराज हो गईं.

जब सदन में अधीर रंजन ने इस बात का जिक्र किया तो सोनिया गांधी ने सदन में उनकी ओर इशारा किया. उनका इशारा नाराजगी जाहिर कर रहा था. सोनिया गांधी ने मनीष तिवारी की तारीफ की और कहा कि कहा मनीष तिवारी ने सही तरीके से पार्टी का पक्ष रखा.

दरअसल, कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा कि कश्मीर भारत का अंदरूनी मसला नहीं है. ये एक द्विपक्षीय मसला है और संयुक्त राष्ट्र 1948 से इसपर मॉनिटरिंग कर रही है. अधीर के इस सेल्फ गोल से सदन में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी होने लगी. अधीर रंजन के बगल में बैठीं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी हैरान नज़र आईं. उनके रिएक्शन से साफ दिखा कि वह अधीर रंजन के बयान से बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखती हैं और खासी नाराज़ हैं.

कुछ इस तरह किया UN का जिक्र

अधीर रंजन चौधरी ने पूछ दिया कि जब 1948 से ही संयुक्त राष्ट्र (UN) जम्मू–कश्मीर की मॉनिटरिंग कर रहा है तो ये द्विपक्षीय मुद्दा कैसे है? जब पाकिस्तान के साथ शिमला समझौता हुआ, लाहौर घोषणापत्र जारी हुआ तो क्या ये द्विपक्षीय मुद्दा है या इंटरनल मैटर है ?

इस पर सत्ता पक्ष ने जोरदार आपत्ति जताई. खुद अमित शाह ने पूछा, क्या कांग्रेस कह रही है कि जम्मू-कश्मीर को यूनाइटेड नेशंस मॉनिटर कर रहा है?

अधीर रंजन चौधरी और अमित शाह के बीच बहस के दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी मौजूद थीं लेकिन दोनो चुप ही रहे. अधीर रंजन चौधरी ने खुद को घिरता देख कहा कि वो सिर्फ स्पष्टीकरण चाहते हैं.

अमित शाह ने दिया ये जवाब
अमित शाह ने कहा कि क्या कांग्रेस PoK (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) को भारत का हिस्सा नहीं मानती है, हम इसके लिए जान देने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का मतलब Pok और अक्साई चिन से भी है, क्योंकि इसमें दोनों समाहित हैं. गृहमंत्री ने कहा कि आज के प्रस्ताव और बिल भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे. यह महान सदन इस पर विचार करने जा रहा है.

विपक्ष को जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा- ‘यह पॉलिटिकल चीज नहीं है. यह कानूनी विषय है. जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इस बारे में कोई कानूनी विवाद नहीं है. भारत और जम्मू-कश्मीर के संविधान में बहुत साफ है कि वह भारत का अभिन्न अंग है. जम्मू-कश्मीर में संविधान के आर्टिकल 1 के सारे आर्टिकल लागू हैं. इसमें साफ लिखा है कि भारत एक सभी राज्यों का संघ है.’ शाह ने अधीर रंजन से पूछा क्या आप यही चाहते हैं कि यूएन जम्मू-कश्मीर पर मॉनिटरिंग करे?

कांग्रेस का विरोध

केंद्र सरकार के इस फैसले का कांग्रेस संसद में भी पुरजोर विरोध कर रही है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में कहा, “आप कहते हैं कि यह आतंरिक मामला है लेकिन इसे 1948 से यूएन देख रहा है. क्‍या यह एक आंतरिक मसला है? हमने शिमला समझौते और लाहौर घोषणा पर हस्‍ताक्षर किए हैं, क्‍या वह आंतरिक मामला है या द्विपक्षीय है?”

 

 

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