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बल्लेबाज़ विधायक विजयवर्गीय पर PM Modi दिखे नाराज, कहा – बेटा किसी का भी हो बाहर कर देना चाहिए.

बल्लेबाज़ विधायक विजयवर्गीय पर PM Modi दिखे नाराज, कहा – बेटा किसी का भी हो बाहर कर देना चाहिए.

हाल – फिलहाल में एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमे BJP विधायक  क्रिकेट के बल्ले से एक युवक की पिटाई करते दिखाई दिए . आपको बता दें की मामला मध्यप्रदेश के इंदौर का है . जब यह बात प्रधानसेवक मोदी जी पास पहुंची तो उन्होंने नाराज़गी जताई ओर कहा यह सब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा .

The Print हिंदी के लेख के अनुसार , BJP संसदीय दल की बैठक में PM Modi  ने BJP के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश के मामले में नाराजगी प्रकट की है. मंगलवार को PM ने संसदीय दल की बैठक में बगैर किसी का नाम लिए कहा कि इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पार्टी को बदनाम करने, बदसलूकी करने और सार्वजनिक रूप से अहंकार दिखाने का हक किसी को नहीं है.

PM Modi नें क्या कहा :

विश्ववस्त सूत्रों के अनुसार PM Modi ने बैठक में कहा कि राजनीति में अनुशासन होना चाहिए. गलत व्यवहार करने वाले लोगों को पार्टी से बाहर कर दिया जाना चाहिए. इस तरह का बर्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऐसा करने वाले लोग भले ही किसी के बेटे हों, उन्हें अपने मन से कुछ भी करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. आकाश विजयर्गीय के  रिहा होने के बाद उनका स्वागत करने वाले पर भी PM Modi नाराज हुए. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को भी पार्टी में रहने का हक नहीं है. सभी को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए.

बैटमार विधायक विजयवर्गीय पर PM Modi दिखे नाराज, कहा - बेटा किसी का भी हो बाहर कर देना चाहिए.
Source: The Lallantop

Jail से चुठने पर बाटी गयीं मिठाइयाँ :

गौरतलब है कि Madhya Pradesh के इंदौर-3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय ने अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम टीम के अफसर पर बैट से हमला कर दिया था. इसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. शनिवार शाम को उन्हें भोपाल की स्पेशल कोर्ट से जमानत मिली है. जब वे जेल से छूटे तो BJP के ही कुछ क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया था. वहीं मिठाई भी बांटी गई थी. इसके अलावा कार्यकार्ताओं ने खुशी में फायरिंग भी की थी. इसके बाद विपक्ष ने BJP पर निशाना साधा था.

Source: Jagran.com

इस घटनाक्रम पर कैलाश विजयर्गीय ने आकाश का पक्ष लेते हुए कहा था कि अभी वह कच्चा खिलाड़ी है. यह इतना बड़ा मामला नहीं था. इसे बनाया गया है. अफसरों को भी अहंकारी नहीं होनी चाहिए. उन्हें भी जनप्रति​निधियों से बात करनी चाहिए. इस तरह की घटना भविष्य में न हो इसके लिए दोनों को समझाना चाहिए.

 

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