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मोदी जी द्वारा सरकारी तौर-तरीकों को Good Bye, देश को बदलकर रख देगा PM Modi  का यह प्लान,

मोदी जी द्वारा सरकारी तौर-तरीकों को Good Bye, देश को बदलकर रख देगा PM Modi का यह प्लान,

इस बात में कोई दोहराए नहीं है कि PM Modi अपनी दूसरी सरकार के चलते हर वो काम करेंगे जिससे वह लोगों का भरोसा जीत सकें। वैसे वह हमेशा ही कुछ अलग करते आये हैं लेकिन इस बार फिर PM Modi पुराने तौर तरीकों को बदलने जा रहे हैं।

अमर उजाला के लेख के अनुसार,  PM Modi  ने अपने दूसरे कार्यकाल में साफ कर दिया है कि अब सरकारी योजनाएं परंपरागत तौर-तरीकों से आगे नहीं बढ़ेंगी। सार्वजनिक क्षेत्र में निजी प्रबंधन के फार्मूले लागू होंगे। इसके लिए अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और चीन जैसे देशों का विकास अनुभव लेकर आगे बढ़ा जाएगा। सरकारी योजनाओं में प्रोजेक्ट का टेंडर जारी होने से लेकर उसके पूरा होने तक, इन सभी प्रक्रियाओं में निजी कंपनियों के तरीके इस्तेमाल होंगे।

Railway, Development, IT, PWD, Power, Call  Sector, Heath, Rural Development, संचार, माइंस, सिविल एविएशन, डिफेंस और हैवी इंडस्ट्री आदि क्षेत्रों में रियल टाइम कम्युनिकेशन और रियल टाइम डाटा मैनेजमेंट जैसी बातों के पालन कर किसी भी काम को तय समय से पहले और निर्धारित राशि से कम खर्च में पूरा किया जाएगा। शनिवार को हुई नीति आयोग की पांचवीं बैठक में यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट सभी राज्यों को सौंपी गई है।

इसमें PM MODI की ओर से कहा गया है कि सरकारी योजनाओं के तय समय पर पूरा न होने के पीछे एक बड़ा कारण उसके प्रबंधन और क्रियान्वयन के तौर-तरीकों में बदलाव नहीं होना है। आज भी अधिकांश सरकारी महकमे पुराने तरीकों पर ही अपना कामकाज करते हैं। चाहे वह निर्माण का क्षेत्र को या आईटी प्रोजेक्ट, निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पाते। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे किसी प्रोजेक्ट का खर्च बहुत अधिक बढ़ जाता है।

 मोदी जी द्वारा सरकारी तौर-तरीकों को Good Bye, देश को बदलकर रख देगा PM Modi का यह प्लान,
Source: IndiaToday.in

मौजूदा समय में इस तरह पूरे होते हैं Project, खूब होती है लेट-लतीफी

देश में निर्माण क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट पूरा होने में सबसे ज्यादा समय लगता है। जैसे, सबसे पहले एक रिपोर्ट तैयार होती है, जिसमें तय खर्च (अधिकतम सीमा) में काम पूरा होने की बात कही जाती है। इसके बाद डीपीआर बनती है। इन सब कार्यों में इतना ज़्यादा फाइल वर्क होता है कि प्रोजेक्ट शुरू होने में ही दो-तीन साल का विलंब हो जाता है। आर्किटेक्ट नियुक्त होने के बाद जो बिड डॉक्युमेंट बनता है, उस पर इंजीनियर अपनी राय देता है। वह कई बार रिपोर्ट को ही गलत ठहरा देता है।

जब ठेकेदार को फाइनल रिपोर्ट मिलती है तो काम शुरू होता है। बीच में कभी जांच तो कभी पेमेंट का इश्यू आ जाता है, इससे काम तय समय पर पूरा नहीं हो पाता। इसमें पावर इश्यू, पब्लिक प्रॉपर्टी है या प्राइवेट, जैसे मामले बाधा बनकर सामने आ जाते हैं। ऐसे मामलों में कई बार कोर्ट स्टे ले लिया जाता है। ये सब बातें न केवल प्रोजेक्ट पूरा होने की तिथि को आगे बढ़ा देती हैं, बल्कि धन भी कई गुना ज्यादा खर्च करना पड़ता है।

 मोदी जी द्वारा सरकारी तौर-तरीकों को Good Bye, देश को बदलकर रख देगा PM Modi का यह प्लान,
Source: Live Uttarakhand

मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लमेंटेशन (MOSPI) की दिसंबर 2018 में जारी रिपोर्ट

 

-अप्रैल 2014 में 727 में से 282 सरकारी Project देरी से पूरे हुए थे।

-दिसंबर 2018 के दौरान 1424 में से 384 Project पूरे होने में विलंब हुआ।

-इस विलंब की अहम वजह प्रोजेक्ट प्रबंधन की कमियां रहीं। पारम्परिक तौर-तरीकों के चलते ये प्रोजेक्ट देरी से पूरे हुए। नतीजा, सरकार को भारी आर्थिक चपत लगी।

-Road Transport and Highway के 605 प्रोजेक्ट में से 112 देरी से पूरे हुए।

-Power Sector के 95 में से 56 प्रोजेक्ट पूरे होने में विलंब हुआ।

-Rural Development के 58 में से 23 प्रोजेक्ट देरी से पूरे हुए।

-Railway के 367 में से 94 प्रोजेक्ट पूरे होने में देरी हुई।

Source: The Indian Express

सरकारी विभागों के काम करने का तौर तरीका अब बदल जाएगा

इसके लिए मोदी सरकार ने एक विस्तृत योजना बनाई है। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट को सीनियर सेकेण्डरी स्तर पर पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। स्नातक स्तर पर इसका पूर्ण कोर्स भी शुरू होगा। डिप्लोमा प्रोग्राम भी प्रारम्भ किया जा रहा है। पीजी कोर्स के लिए यूजीसी और एआईसीटीई से राय ली गई है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के आधार पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के कोर्स रहेंगे।

फिलहाल सभी सरकारी और प्राइवेट विभागों में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट योजना लागू की जा रही है। इसके लिए रेफ्रेशेर कोर्स शुरू होंगे। इसके दायरे में सभी सरकारी विभाग, निगम और बोर्ड आएंगे। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि सभी विभागों को उनके परिसर में ही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दे दिया जाए। अगर किसी प्रोजेक्ट को जल्द शुरू करना है तो उसके लिए अलग से मापदंड तैयार होंगे। इस कार्य में क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया की मदद ली जाएगी। नेशनल प्रोजेक्ट-प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पॉलिसी फ़्रेमवर्क के तहत ये सभी योजनायें पूरी होंगी।

कुछ इस तरह प्रधानसेवक मोदी जी फिर इतिहास रचने के मूड में हैं। और सब ज़मीनी स्तर पर कामयाब हुआ तो 2025 के Loksabha Elections में PM Modi को इसका बहुत फायदा पहुंचेगा और काफी आसानी भी होगी।

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