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Rahul Gandhi का अध्यक्ष पद से इस्तीफा लगभग तय ,पार्टी को दिया 1 महीने का समय!

Rahul Gandhi का अध्यक्ष पद से इस्तीफा लगभग तय ,पार्टी को दिया 1 महीने का समय!

चुनावों में कांग्रेस की बुरी हार के बाद राहुल गाँधी इस्तीफ़ा देने को बिल्कल तैयार है परन्तु पार्टी द्वारा उन्हें रोकने की लाख कोशिशे की जा रहीं हैं। सुरों की मने तो राहुल चाहत हैं की कांग्रेस पार्टी कमान कोई ऐसा व्यक्ति संभाले जो गाँधी परिवार न हो इसलिए राहुल का इस्तीफ़ा लगभग तय है।

LOKSABHA ELECTIONS में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी में बवंडर आ गया है. RAHUL GANDHI कांग्रेस का अध्यक्ष पद छोड़ने पर अड़ गए हैं तो वहीं उनको मनाने के लिए पार्टी नेता एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. मंगलवार सुबह भी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, नेता रणदीप सुरजेवाला उनसे मिलने पहुंचे. इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि RAHUL GANDHI से कहा गया है कि अभी पार्टी को नए विकल्प नहीं मिल रहे हैं.

कांग्रेस पार्टी जानती है की हाल ही में अलग अलग राज्यों हुई विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत का कारण खुद Rahul Gandhi ही थे और उनका पार्टी में बड़ा योगदान रहा है। शायद इसलिए पार्टी राहुल को रोकने में लगी है।

राहुल को कहा गया है कि आप पार्टी में जो मर्जी बदलाव करें, जैसे चाहे पार्टी चलाएं. जिसके बाद अब राहुल नरमी के संकेत दे सकते हैं. सूत्रों ने दावा किया है कि कार्यप्रणाली में कुछ शर्तों के साथ राहुल अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे. वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, प्रियंका गांधी की कई दौर की मीटिंग के बाद इस बात पर सहमति बनी है.

 

मंगलवार को राहुल से मिलने उनके घर पहुंचने वाले में प्रियंका गांधी, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट जैसे बड़े नेता शामिल हैं.

मंगलवार को होगी बैठक :

मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष RAHUL GANDHI ने पार्टी के एक बड़े नेता से कहा है कि आप एक महीना ले लीजिए, लेकिन मेरा विकल्प ढूंढ लीजिए. उन्होंने कहा है कि मैं पद छोड़ने के लिए मन बना चुका हूं. राहुल ने कहा है कि प्रियंका गांधी को इन सभी से दूर रखना चाहिए, किसी भी हालत में मेरी जगह अध्यक्ष नहीं बनेंगी.

RAHUL GANDHI ने कहा है कि मैं लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व करने को तैयार हूं. उन्होंने कहा है कि किसी अन्य भूमिका में भी मैं काम कर सकता हूं, पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करता रहूंगा. लेकिन अध्यक्ष नहीं रहूंगा.


बता दें कि LOKSABHA ELECTIONS के नतीजों के बाद कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने उसे नकार दिया था. हालांकि, उसके बाद राहुल अपने फैसले पर अड़े रहे और पार्टी नेताओं को खरी-खरी सुनाई.


LOKSABHA ELECTIONS में मात्र 52 सीटों पर सिमटने वाली कांग्रेस पार्टी में इस्तीफों का दौर जारी है, कई प्रदेश अध्यक्ष अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं. तो वहीं राहुल अपनी बात पर अडिग हैं, यहां तक कि उन्होंने अभी तक अपने नवनिर्वाचित सांसदों से भी मुलाकात नहीं की है.

वर्किंग कमेटी की बैठक में जब राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की तो हर कोई हैरान था, लेकिन Sonia Gandhi, Priyanka Gandhi और Ahmed Patel जैसे वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद उन्होंने इस पर विचार करने को कहा. राहुल तो लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफा देना चाहते थे, जिन्हें समझाया गया और ऐसा करने से रोका गया. प्रियंका खुद बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं.

दरअसल, राहुल का फॉर्मूला है कि वह अध्यक्ष पद से हटें, कोई नया अध्यक्ष बनें. जो कि गांधी परिवार से अलग हो और राहुल खुद पार्टी के लिए काम करते रहें. नतीजों के बाद पंजाब, यूपी, असम, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

Source: Aaktak

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