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आखिर मोदी और अमित शाह का दुश्मन क्यों हैं अहमद पटेल ???

आखिर मोदी और अमित शाह का दुश्मन क्यों हैं अहमद पटेल ???

चुनाव के पहले मतदान कल हैं इसे में हर और से बयानबाजियां रुक नहीं रही हैं . हाल ही में कांग्रेस के कद्दावर नेता अहमद पटेल पर PM मोदी नें निशाना साधा ,चुनावी रैली में मोदी ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और कोषाध्यक्ष अहमद पटेल के नाम लिए जाने को बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हेलीकॉप्टर सौदे में जिन लोगों ने रिश्वत ली थी उनमें एक का नाम ‘AP’ और दूसरे ‘FAM’ है… 

इसपर बात अगर ‘AP’ की करें तो उसका मतलब हैं अहमद पटेल और ‘FAM’ का मतलब है family . अब यह बात तो किसी से छुपी नहीं है है की अहमद पटेल किस परिवार के ज्यादा ख़ास हैं . अब प्रधानमंत्री द्वारा इन आरोपों के लगने के बाद अहमद पटेल भी कहाँ चुप रहने वाले थे , अहमद पटेल ने पलटवार करते हुए मोदी पर ‘गटर वाली राजनीति’ करने का आरोप लगाया है। पटेल ने टि्वटर पर यह भी लिखा, ‘चुनावों का मौसम है, सो जुमलों की बौछार शुरू हो गई है। बेबुनियाद और हास्यास्पद आरोपों की बारिश हो रही है। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है कि सच्चाई कभी छुप नहीं सकती . उनका मन्ना है कि न्यायपालिका ज़रूर दूध का दूध और पानी का पानी ज़रूर करेगी . इसपर विचार करने की बात यह है की आखिर अमित शाह और मोदी जी के निशाने पर क्यों हैं अहमद पटेल ???

source: Rediffmail

एसा पहली बार नहीं है की मोदी और शाह के निशाने पर हैं अहमद पटेल …. जानिये क्या है इसकी असल वजह ??

  • बीजेपी के कांग्रेस मुक्त मिशन में सबसे बड़ा रोड़ा माने जाते हें अहमद पटेल शायद यह भी एक वजह है अहमद पटेल से दुश्मनी की क्योंकि अहमद पटेल ने जबर्दस्त राजनीतिक कौशल दिखाया है, चाहे वह राज्यसभा चुनाव में अहमद पटेल का मामला हो या फिर कर्नाटक में सरकार गिराने के प्रयास का मामला हो या हाल ही में जितिन प्रसाद को कांग्रेस से तोड़कर बीजेपी में शामिल कराने की कोशिश का मामला रहा हो। बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि जितिन प्रसाद का बीजेपी में शामिल होना तय था, लेकिन ऐन वक़्त पर अहमद पटेल हरकत में आये और स्थिति संभाल ली।
  • निशाने पर होने की एक वजह 2017 का राज्यसभा चुनाव भी है मोदी और अमित शाह ने 2017 में राज्यसभा चुनाव के दौरान अहमद पटेल को हराने की पूरी तैयारी कर ली थी। शाह ने कांग्रेस के कई विधायकों को तोड़कर उनका इस्तीफ़ा करा दिया था। वहीं केंद्र सरकार के इशारे पर सीबीआई, इनकम टैक्स, प्रवर्तन निदेशालय तक का राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद अहमद पटेल चुनाव जीतने में कामयाब रहे। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कांग्रेस की यह पहली जीत थी..
  • गुजरात में बड़ा तबका एसा है जो मुसलमानों से नफरत करता है , इसे में कहीं न कहीं मोदी और शाह अहमद पटेल के मुसलमान होने का फायदा उठाते हें .वो उनके खिलाफ तरह तरह से निशाने साधकर कहीं न कहीं हिन्दू सिम्पथी उठाते हें ..
  • 2010 से अमित शाह और पतेल के बीच 36 का आँकड़ा है… 2010 में अमित शाह हत्या के आरोप में जेल भेजे गए थे और उस वक़्त केंद्र में यूपीए की सरकार थी। शायद अमित शाह मानते हैं कि उन्हें जेल भिजवाने के पीछे अहमद पटेल का ही हाथ था। बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि इसको लेकर वह हमेशा अहमद पटेल से खुन्नस रखते हैं।
  • पटेल के परिवास तक पर ED का शिकंजा भी कसा है। गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद अचानक अहमद पटेल के बेटे फैजल पटेल और उनके दामाद इरफान सिद्दीकी पर ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने शिकंजा कसा है। आरोप लगा है कि 500 करोड़ के बैंक लोन फ्रॉड मामले में अहमद पटेल के बेटे और दामाद का नाम सामने आया है।

अब आप की एक बार सोच विचार करिये और बताइये कि इस तरह किसी ईमानदार नेता के पीछे पड़ना किस हद तक ठीक है। क्या यही रह गयी है इस देश की राजनीति ??? अब चुनाव करीब है और आपको ही अपना राजा चुनना है तो याद रखें साड़ी बाते मतदान देते वक़्त।

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