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सेना के नाम पर वोट मांगने वाले  PM Modi को नहीं है सेना का ख्याल, घटिया गोला-बारूद और खाने से जा रही है जवानों की जान…

सेना के नाम पर वोट मांगने वाले PM Modi को नहीं है सेना का ख्याल, घटिया गोला-बारूद और खाने से जा रही है जवानों की जान…

Loksabha Election 2019  में  PM Modi सरे मुद्दे भूलकर सिर्फ सेना के बल पर चुनाव लड़ रहे हैं . इस चुनाव में न उन्हें विकास याद याद रहा , न गाय याद रही और न राम मंदिर . Modi जी बस सेना और शहीदों के नाम पर वोट मांगने में जुटे हैं . लेकिन आज का सबसे बड़ा सवाल यह है की क्या PM Modi जितना देश की सेना के नाम का प्रगोग कररहे हैं क्या सेना का उतना ख्याल भी रख रहे हैं . जवाब है निल्कुल नहीं .

नवजीवन के लेख के अनुसार , PM Modi और उनकी पार्टी BJP सेना के शौर्य के नाम पर लोकसभा चुनाव लड़ रही है। लेकिन उसने राजनीति के अलावा सेना में सुधार के कोई खास कदम नहीं उठाए है। इसका ताजा उदाहरण एक रिपोर्ट से सामने आया है। अंग्रेजी अखबार Times Of India की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने रक्षा मंत्रालय को जानकारी दी है कि घटिया क्वालिटी के गोला-बारूद की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं में सैनिकों की जानें जा रही हैं, लगातार सैनिक घायल हो रहे हैं और उपकरणों को नुकसान पहुंच रहा है।

शौर्य के नाम पर वोट मांगने वाली मोदी सरकार को नहीं सेना का ख्याल, घटिया गोला-बारूद से जा रही है जवानों की जान
Source: India.com

रिपोर्ट के अनुसार, टैंकों, बंदूकों और तोपखानों जैसे युद्ध उपकरणों को यह घटिया गोला- बारूद सरकार के स्वामित्व वाले ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड की ओर से आपूर्ति किया जा रहा है। ऐसी आशंका जाहिर की जा रही है कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड की ओर से आपूर्ति किए जाने वाले इस गोला-बारूद पर सेना अब भरोसा नहीं कर रही है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 105 SM Indian Field Guns, 105 MM Light Guns, 130 MM MA 1 Gun, 40 MM L-70 हवाई रक्षा बंदूक, के साथ नियमित हादसे’ हो रहे हैं। यही नहीं, T-72, T-90 और अर्जुन बैटल टैंक्‍स की मेन गन्‍स के साथ भी समस्‍या आ रही है। बता दें कि OFB के अंतर्गत 41 कारखाने हैं, जो 12 लाख से ज्यादा जवानों वाली सेना को मुख्य रूप से गोला-बारूद की आपूर्ति करते हैं।

शौर्य के नाम पर वोट मांगने वाली मोदी सरकार को नहीं सेना का ख्याल, घटिया गोला-बारूद से जा रही है जवानों की जान
Source: The Nation Interest

बताया जा रहा है कि सेना ने अपनी चिंताएं रक्षा उत्पादन के सचिव अजय कुमार के समक्ष रखी हैं। सेना की शिकायत सुनने के बाद सचिव अजय कुमार ने सेना से सभी हथियार और गोला-बारूद की समस्याओं से संबंधित कागजात जमा करने को कहा है।

बता दें कि OFP के 41 कारखानों का सालाना कारोबार लगभग 19 हजार करोड़ रुपये का है। माना जा रहा है कि ओएफबी के उत्पादों की गुणवत्ता में गिरावट का असर देश की युद्ध क्षमता पर पड़ेगा। वहीं इन आरोपों के बाद ओफबी का कहना है कि वह फैक्‍ट्री के क्‍वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेंट द्वारा कड़े निरीक्षण के बाद ही सेना को सप्‍लाई करता है। साथ ही ओफबी ने कहा है कि सेना किस तरह गोला बारूद का रख-रखाव करती है, इसकी जानकारी उसके पास नहीं है।

शौर्य के नाम पर वोट मांगने वाली मोदी सरकार को नहीं सेना का ख्याल, घटिया गोला-बारूद से जा रही है जवानों की जान
Source: NewsX

पूर्व सैनिक Tej Bahadur का भी पुच एसा था आरोप :

इससे पहले भी सेना के एक जवान ने जवानों को दी जाने वाली खाने पर सवाल उठाया था। जनवरी 2017 में तेज बहादुर यादव ने ये आरोप लगाया था,

 “हमें नाश्ते में बिना किसी सब्जी या अचार के साथ सिर्फ एक पराठा और चाय मिलती है। हम लम्बी ड्यूटी करते हैं और घंटों तक खड़े रहते हैं। दोपहर के खाने में हमें रोटी के साथ एक ऐसी दाल मिलती है जिसमें सिर्फ हल्दी और नमक होता है। तेज बहादुर ने तब अपनी बातों में खाने की क्वालिटी पर सवाल उठाया था साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि ऐसा खाना खाकर हम देश की सीमा की सुरक्षा कैसे करेंगे?”

लेकिन बदले में इसका नतीजा क्या हुआ ?? उनकी बात सुनना तो बहुत दूर बल्कि उन्हें सेना से ही निकाल था . और जब उन्होंने PM Modi के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहा तो मोदी सरकार नें अपनी तानाशाही दिखाते हुए उनका नामांकन रद्द करदिया एक ममुकी वजह बताकर . अब मसला यह है की अगर PM Modi कुछ इस तरह देश की सेना का ख्याल रख रहे हैं तो अबतक देश की को जाग जाना चाहिए .

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