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मोदी सरकार नें 2 करोड़ लोगों का रोज़गार छीना , जबकि आने से पहले 2 करोड़ नोकरियों का किया था वादा!! क्या इसे पुरे किये हें वादे ?

मोदी सरकार नें 2 करोड़ लोगों का रोज़गार छीना , जबकि आने से पहले 2 करोड़ नोकरियों का किया था वादा!! क्या इसे पुरे किये हें वादे ?

आपको याद तो होगा ही की किस प्रकार 2014 के चुनाव से पहले देश को 2 रोज़गार का लालच दिया था , लेकिन आज 5 साल बीत गए हैं दुबारा चुनाव का एलान भी हो गया , क्या आपको रोज़गार मिला ??? रोज़गार मिलना तो दूर यहाँ एक रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार में 2 करोड़ रोज़गार मिलना तो दूर बल्कि यहाँ 2 करोड़ रोज़गार और घाट गया है . जिसमे पुरुष की संख्या जादा घटी है | सूत्रों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के रोजगार में 68% की कमी आई है वहीं शहरों में पुरुषों के रोजगार में 96% की गिरावट दर्ज की गई.

सोर्स: NDTV इंडिया

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 1993-94 के बाद से पहली बार काम करने वाले पुरुषों की संख्या में गिरावट आई है. अख़बार लिखता है कि साल 2011-12 में काम करने वाले पुरुषों की संख्या 30. 4 करोड़ थी जो साल 2017-18 में गिरकर 28.6 करोड़ हो गई है.

रोजगार में गिरावट

ये आंकड़े नेशनल सैंपल सर्वे ऑफ़िस (NSSO) के हैं जिन्हें जारी किया जाना अभी बाकी है. नौकरियों में ये गिरावट गांवों और शहरों दोनों में दर्ज की गई है. ग्रामीण भारत में ये गिरावट 6.4% है जबकि शहरी भारत में नौकरियों में 4.7% की गिरावट आई है.

एनएसएसओ के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पाएंगे कि साल 2017-18 में गांवों में कुल 4.3 करोड़ नौकरियां कम हुईं हैं जबकि शहरों में 0.4 करोड़ नौकरियां कम हुई हैं.

न कि पुरुषों के ही नहीं बल्कि महिलाओं की नौकरियों में भी कमी आई है- ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के रोजगार में 68% की कमी आई है वहीं शहरों में पुरुषों के रोजगार में 96% की गिरावट दर्ज की गई.

 

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