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चिदंबरम का हाल जानने तिहाड़ पहुंचे सोनिया और मनमोहन, 43 मिनट चली मुलाकात

चिदंबरम का हाल जानने तिहाड़ पहुंचे सोनिया और मनमोहन, 43 मिनट चली मुलाकात

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सोमवार को पी. चिदंबरम से मिलने तिहाड़ जेल पहुंचे. चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया केस में 5 सितंबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं. इससे पहले कार्ति चिदंबरम ने अपने पिता चिदंबरम से जेल में मुलाकात की.

3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत बढ़ाई
बता दें कि कोर्ट ने बीते गुरुवार को सुनवाई के दौरान चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 3 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी थी. अब उनकी जमानत याचिका पर आज दिल्ली की हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. इस सुनावाई पर हर किसी की नजर बनी हुई है.

8.47 से 9.30 बजे तक चली मुलाकात
सोनिया और मनमोहन तिहाड़ में चिदंबरम से मुलाकात करके बाहर निकल चुके हैं. ये दोनों सुबह 8.47 से 9.30 बजे तक जेल के अंदर रहे. हालांकि चिदंबरम को लेकर इन्होंने मीडिया में कोई बयान नहीं दिया है.

इसके कुछ समय बाद चिदंबरम का ट्वीट आया. इसमें लिखा था… मैंने अपने परिवावर से मेरी ओर से यह ट्वीट करने के लिए कहा है… मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह मुझसे मिलने आए. जब कांग्रेस मजबूती और बहादुरी के साथ खड़ी है, तब तक मैं भी मजबूत और बहादुर बना रहूंगा.

कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल पिछले हफ्ते तिहाड़ जेल में चिदंबरम से मुलाकात की थी. इस दौरान उनके साथ चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी मौजूद थे.

चिदंबरम की सेहत ठीक नहीं
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम की सेहत ठीक नहीं है. चिदंबरम को कई तरह की बीमारियां होने के कारण उनका वजन तेजी से घट रहा है. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से मांग की है कि चिदंबरम को समय-समय पर मेडिकल सर्विस और सप्लीमेंट्री डाइट दी जाती रहे.

सिब्बल ने कहा था कि चिदंबरम को एम्स में जांच कराने की अनुमति दी जाए. इस पर न्यायधीश मेहता ने कहा था कि ‘किसी भी कैदी की सेहत की चिंता होनी चाहिए. कानून में जो भी स्वीकार्य हो, जेल अधिकारियों को वह करना चाहिए.’

‘सेल से कुर्सी भी हटा ली गई’
वहीं, चिदंबरम की ओर से एक और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में कहा था कि जेल में चिदंबरम के सेल के बाहर एक कुर्सी थी लेकिन उसे अब हटा दिया गया है. इस कारण उन्हें बेड पर ही बैठना पड़ता है. उन्हें सोने के लिए तकिया भी नहीं दिया गया है. इससे उन्हें काफी दिक्कत हो रही है.

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