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दिल्ली: संत रविदास मंदिर के ध्वस्त किए जाने पर विरोध प्रदर्शन, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर हिरासत में

दिल्ली: संत रविदास मंदिर के ध्वस्त किए जाने पर विरोध प्रदर्शन, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर हिरासत में

संत रविदास मंदिर को धवस्त किए जाने के खिलाफ दलितों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार को प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। इसके लिए पुलिस ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के साथ 50 लोगों को हिरासत में ले लिया। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 10 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के तुगलकाबाद में सदियों पुराने गुरु रविदास मंदिर को ध्वस्त कर दिया था।
भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर ने कहा, ‘संत रविदास जी दलित समाज की आस्था का सवाल है. संत रविदास का मंदिर गिराया जाना 25 करोड़ लोगों की जनभावना का अपमान है. अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो हम लगातार आंदोलन करेंगे.’
मायावती और कांशीराम की जीवनी लिखने वाले समाज वैज्ञानिक बद्री नारायण कहते हैं, ‘दलित समाज के जाटव और चमार समुदाय से आने वाले लोगों के लिए रविदास सबसे पूजनीय. वो इस बात को लेकर दुखी हैं कि उनके भगवान का निवास छीन लिया गया.
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि मंदिर गिराए जाने पर प्रदर्शन कर रहे लोग बुधवार शाम पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। घटना में कुछ जवानों को चोटें लगीं। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया।

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कौन थे संत रविदास 

मान्यताओं के आधार पर संत रविदास का जन्म वर्ष 1433 में बनारस में माघ पूर्णिमा के दिन हुआ था. इसलिए इस दिन को प्रत्येक वर्ष रविदास जयंती मनाई जाती है. उनको समाज में मौजूद आडंबरों को हटाने और जनसरोकार से जुड़े कामों के लिए याद किया जाता है. मान्यता है कि रविदास अपना जीवन यापन करने के लिए जूते बनाने का काम करते थे. समाज के निचले तबके के लोग उनके विचारों से काफी प्रेरित थे. वो उन्हें भगवान मानते थे. संत ने अपने उपदेशों के ज़रिए समाज में बराबरी का संदेश दिया.

मीराबाई भक्तिकालीन संत कवि रविदास को अपना गुरू मानती थीं. उनकी कुछ रचनाओं का संपादन सिखों के गुरू अर्जुन देव ने किया है जिन्हें गुरु ग्रंथ साहिब में स्थान दिया गया है. इसलिए रविदास मंदिर के गिराए जाने पर पंजाब में रोष देखा गया और दलित समाज के नेताओं ने ये मामला उठाया है.

 

 

मायावती ने विरोध जताया

कुछ दिनों पहले बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर कहा था कि दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में बना संत रविदास मंदिर केंद्र व दिल्ली सरकार की मिली-भगत से गिरवाए जाने का बसपा ने सख्त विरोध किया। इससे इनकी आज भी हमारे संतों के प्रति हीन व जातिवादी मानसिकता साफ झलकती है।

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