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अगर आधारकार्ड नहीं है तो नहीं दे सकती माँ, बच्चे को अस्पताल में जन्म

प्रतिदिन देश के अलग अलग राज्यों से अस्पताल की लापरवाही की ऐसी खबरें आती है जिससे मानवता को शर्मसार होना पड़ता है| इसीतरह से अस्पताल की बेरहमी का एक मामला देश की राजधानी से सटे गुरुग्राम से सामने आया है| यहाँ एक महिला को अस्पताल के दरवाजे पर ही बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योकि उसके पास आधार कार्ड नहीं था| आधार कार्ड न होने के कारण अस्पताल के प्रशासन ने महिला को भारती करने से इनकार कर दिया जिसके बाद महिला को दरवाजे पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा| यह मामला गुरुग्राम के सिविल अस्पताल का है|
खबर के मुताबिक़, मध्यप्रदेश की रहने वाली मुन्नी अपने इलाज के लिए गुरुग्राम स्थित नागरिक अस्पताल पहुची थी, लेकिन अस्पताल में भर्ती करने से पहले डॉक्टर ने उनका आधार कार्ड माँगा| मुन्नी के पास आधार कार्ड नहीं था परन्तु उसके पति ने अपना आधार नंबर बताया लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर नहीं माने और आधार की ओरिजिनल कॉपी के लिए अड़े रहे, इसी दौरान मुन्नी की हालत बिगड़ी और उन्होंने अस्पताल के दरवाजे पर ही बच्चे को जन्म दिया|
इसके बाद भी अस्पताल को दया नहीं आई और उसने मुन्नी को अस्पाताल में तब भारती किया जब मीडिया अस्पताल के बाहर पहुच गयी| अस्पताल से सवाल जवाब में अस्पताल ने अपनी और से सफाई दी है और इस तरह की किसी घटना से साफ़ इनकार कर रहा है| उनका कहना है की उन्होंने महिला को केवल अल्ट्रासाउंड करने के लिए बाहर भेजा था|
नवभारतटाइम.कॉम में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के स्वास्थ्य व खेल मंत्री अनिल विज ने कहा कि आधार कार्ड न होने की वजह से किसी भी मरीज का इलाज नहीं रोका जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।
बता दें कि, इससे पहले उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में आधार कार्ड नहीं होने की वजह से एक गर्भवती महिला को हॉस्पिटल के गेट पर ही डिलिवरी के लिए मजबूर होना पड़ा। यह घटना जौनपुर के शाहगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की थी।

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