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Ayodhya Case: क्या हम मेरे रिटायरमेंट के आखिरी दिन तक इस मामले की सुनवाई करेंगे- CJI

Ayodhya Case: क्या हम मेरे रिटायरमेंट के आखिरी दिन तक इस मामले की सुनवाई करेंगे- CJI

अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में 32वें दिन की सुनवाई गुरुवार को शुरू हो गयी. आइये जानते हैं कौन पक्ष क्या दे रहा है कोर्ट में दलील….

  • मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि 16 स्तंभ पूरब से दक्षिण की तरफ थे, जिनके बीच की दूरी 3.6 से 3.8 मीटर की दूरी बतायी गई जबकि सभी लेयर से दूरी 26 मीटर थी. जस्टिस अशोक भूषण ने कहा 26 मीटर नहीं दशमलव 26 मीटर.
  • मीनाक्षी अरोड़ा- यह कल्पना नहीं की जा सकती कि दीवार एक विशाल ढांचे से उत्पन्न हुई, जो अलग-अलग समयकालों से अलग-अलग लेयर के स्तंभों पर टिकी हुई थी. जब भी कोई लेयर (समयकाल) बनाता है तो वह नीचे चला जाता है जिसमें कई जनरेशन शामिल होती हैं और उसके ऊपर फिर कोई नया समयकाल आ जाता है. ऐसे में यह कैसे संभव है कि अलग-अलग समयकाल के स्तंभों पर कोई दीवार टिकी हो.
  • लंच के बाद एक वकील ने सुनवाई शुरू होते ही कहा कि हमारे और निर्मोही अखाड़े में आपस में ज़मीन के अधिकार को लेकर झगड़ा है, हमको भी सुना जाए. CJI ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हम रोज़-रोज़ इसकी सुनवाई करते रहेंगे. क्या हम मेरे रिटायरमेंट के आखिरी दिन तक इसकी सुनवाई करेंगे. आज सुनवाई का 32वां दिन है और आप अब कह रहे है कि आपको भी सुना जाए. CJI ने सुनने से मना किया.
  • बोबडे ने कहा- 50 मीटर की दीवार कैसे बिना किसी स्तंभ के खड़ी रह सकती है? बोबडे ने पूछा कि आप बताइए कि ASI रिपोर्ट में कहाँ लिखा है कि जो स्तम्भ मिले हैं, वह अलग-अलग समयकाल के हैं.
  • मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा- ASI की रिपोर्ट में जमीन के फ्लोर के बारे में अनियमितता के बारे बताते हुए कहा गया है कि फ्लोर पर फ्लोर बनते जाते हैं, हम किसी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की बात नहीं कर रहे हैं.
  • मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि पहले फ्लोर पर मस्जिद है और उसके बाद दूसरा फ्लोर और बाकी फ्लोर हैं.बोबडे ने कहा- रिपोर्ट में कहा गया है कि एक विशाल स्ट्रक्चर समय की विभिन्न अवधियों के स्तंभों पर खड़ा था.
  • मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा- फ्लोर2, 3 और 4 पर ASI की रिपोर्ट में कुछ स्तम्भ मिलने की बात कहीं गई है. यह सभी फ्लोर अलग-अलग समयकाल के हैं तो कैसे ASI कह सकती है कि वहां पर बहुत बड़ा कोई स्ट्रक्चर रहा होगा.
  • मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि गुप्त समयकाल 4-6AD रहा है और इसका गुप्त समयकाल से कोई लेना देना नही है. ASI ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वहां पर हर जगह अवशेष थे और बाबरी मस्जिद के बारे में कुछ नहीं बताया गया. लेकिन उन्होंने राम चबूतरे के स्थान को राम चबूतरा बताया है. जिस बड़े स्ट्रक्चर की बात हो रही है, वह 12 AD में बनाया गया था, उसका गुप्त समयकाल से कोई मतलब नही है. अरोड़ा ने कहा कि वहां पर ईदगाह भी हो सकती है. सब जानते है कि ईदगाह का मुख पश्चिम की तरफ होता है तो यह क्यों कहा जा रहा है कि वह मंदिर ही थी.
  • ASI की रिपोर्ट पर सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की तरफ से मीनाक्षी अरोड़ा ने जिरह शुरू की. मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि ASI ने खुद स्वीकार किया था कि उसको कुल 184 हड्डियां मिली थी लेकिन HC ने सिर्फ 21.2% का ही अध्यन किया गया और उन्होंने 9 कल्चर के आधार पर 9 समयकाल के बारे में बताया. मीनाक्षी ने कहा कि ASI ने जिन सम्भयताओं के बारे में बताया है उनका मंदिर से कोई लेना देना नही है. ASI ने अपनी रिपोर्ट में शुंग, कुशन और गुप्त साम्राज्य के बारे में बताया है. कार्बन डेटिंग का इस्तेमाल यह पता करने के लिए किया जाता है कि और चीज़ कितनी पुरानी है, लेकिन ASI हड्डियों का इस्तेमाल नहीं करता इसलिए इनकी कार्बन डेटिंग नही की गई.
  • CJI ने धवन से कहा कि आपके जवाब के बाद हमें और अधिक विचार करने की जरूरत नहीं है. आपने पर्याप्त काम किया है.
  • धवन ने कहा कि हमें यह जानना होगा कि क्या एक मंदिर ध्वस्त किया गया या नहीं ? धवन ने कहा कि नियम 10 (2) के दूसरे भाग के अनुसार कोई भी पक्ष न्यायालय की अनुमति के साथ आयुक्त की जांच कर सकता है. कोर्ट रिपोर्ट में विरोधाभास अनमोलियों की जांच कर सकते हैं, तब आप पूछ सकते हैं कि आपत्ति दर्ज की गई थी या नहीं.
  • कल ASI की रिपोर्ट पर सवाल उठाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के सवाल का जवाब देते हुए धवन ने कहा कि HC के जजों ने कहा था कि साक्ष्य के बंद होने के बाद वह आपत्तियों की जांच करेगा. धवन ने कहा कि नियम 10 में किसी भी तरह के दखल से दूसरे मामलों पर भी असर होगा. यह आयोग की अवधारणा पर बहुत प्रभाव तक पहुंच रहा होगा. उच्च न्यायालयों में अनेक मामले प्रभावित होंगे.
  • Asi report पर राजीव धवन ने पक्ष रखना शुरू किया. धवन ने कहा- विस्तृत आपत्तियां रिपोर्ट के खिलाफ की गईं थीं और यह भी कहा गया था कि रिपोर्ट को अदालत स्वीकार नहीं करे, पर ऐसा नहीं किया गया. धवन ने कहा कि सीपीसी के नियम 10 (2) के तहत क्षेत्रीय कमिश्नर नियुक्त किया जाता है. अगर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ इस पर कोई आदेश देती है तो वह मिसाल बन जाएगा, क्योंकि क्रास एग्जामिन की इजाजत हाईकोर्ट द्वारा नहीं दी गई.
  • हिंदू पक्ष ने कहा- 28 सितंबर और 1 अक्टूबर को हम रिजॉइंडर दाखिल करेंगे. CJI ने मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन से पूछा कि क्या आपके लिए 2 दिन काफी होगा रिजॉइंडर के लिए. धवन ने कहा कि सम्भवत: कम समय लगेगा.
  • सभी पक्षों से निर्धारित समय तक दलील देने का समय मौखिक तौर पर स्पष्ट किया. इस दौरान छुट्टियों का जिक्र किया और सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील से कहा कि आपके लिए दो दिन काफी होंगे. तब धवन ने कहा संभावना है इससे भी कम समय लगेगा.
  • मुस्लिम पक्ष के लिए मीनाक्षी अरोड़ा ने जिरह शुरू की. CJI ने कहा कि जिरह की तारीख को आगे नही बढ़ाया जाएगा. CJI ने दोनों पक्षकारों से पूछा कि बताइए कि आप लोग कैसे अपनी जिरह पूरी करेंगे.

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